टाटा स्टील की कैंटीन में तीसरे दिन भी खाने की किल्लत, कर्मचारियों के बीच विवाद की शिकायत

जमशेदपुर : टाटा स्टील की कैंटीन में खाने और नाश्ते की सप्लाई लगातार तीसरे दिन भी सामान्य नहीं हो सकी। प्रबंधन की ओर से व्यवस्था सुधारने के दावे के बावजूद शनिवार को कई स्थानों पर भोजन की कमी के कारण कर्मचारियों के बीच छीना-झपटी और टकराव की स्थिति बनने की शिकायतें सामने आईं। आरएमबीबी-2 समेत कई विभागों में ठेका और स्थायी कर्मचारियों के बीच विवाद की भी सूचना मिली है। कैंटीन का संचालन अब संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जहां दोनों श्रेणियों के कर्मचारी एक साथ भोजन करते हैं। कर्मचारियों की बढ़ती संख्या और मांग के अनुरूप पर्याप्त सप्लाई नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।


मामले की जानकारी मिलने पर टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह सेंट्रलाइज्ड कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी (सीसीएमसी) के कुछ सदस्यों के साथ कैंटीन पहुंचे। उन्होंने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। शैलेश सिंह ने कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की, ताकि प्रबंधन के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके। इस बीच कर्मचारियों ने मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों पर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने और सीसीएमसी सदस्यों की बातों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
कर्मचारियों का दावा है कि एक सप्लाई एजेंसी का काम घटाकर दूसरी एजेंसी को रातोंरात आधे से अधिक काम सौंप दिया गया, जिससे भोजन आपूर्ति प्रभावित हुई। टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने बताया कि कैंटीन की व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिली हैं। सीसीएमसी के सदस्य मामले की जांच कर रहे हैं और प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या के समाधान पर चर्चा करेंगे।


