अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे तो परिवार का बहिष्कार, 2 लाख जुर्माने से गांव में तनाव


पाकुड़ : जिले के मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के सुन्दरापहाड़ी गांव में एक आदिवासी परिवार के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़ित चुड़का टुडू ने आरोप लगाया है कि गांव की पंचायत ने उनके परिवार से जुड़े 15 घरों का हुक्का-पानी बंद कर दिया और उन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। मामले को लेकर परिवार ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज और एसपी अनुदीप सिंह को आवेदन देकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

पीड़ित परिवार के अनुसार 12 मई को उनके बेटे सूरज टुडू की शादी थी, जिस कारण पूरा परिवार समारोह में व्यस्त था। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई और 13 मई को अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन जानकारी नहीं मिलने के कारण परिवार उसमें शामिल नहीं हो सका। आरोप है कि इसके बाद ग्राम प्रधान सकल टुडू ने ग्रामीणों को परिवार के खिलाफ भड़काया और 16-17 मई को करीब 300 लोगों की बैठक में सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया। परिवार को कुएं से पानी लेने, दुकानों से सामान खरीदने, गांव में काम करने और ग्रामीणों से बातचीत तक करने से रोक दिया गया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जुर्माना नहीं देने पर उनकी 40 बीघा जमीन कब्जाने और प्रशासन से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। वहीं एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए पाकुड़ एसडीपीओ दयानंद आजाद के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है और जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


