मृत्यु के बाद भी रोशन हो सकती है किसी की दुनिया, RIMS में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा शुरू



रांची : रिम्स के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी (RIO) और आई बैंक की ओर से 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े की शुरुआत की गई है। अभियान का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। सोमवार को नेत्रदान जागरूकता पोस्टर जारी किया गया। कार्यक्रम में नेत्र रोग विभाग के एचओडी प्रो. डॉ. सुनील कुमार, वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और आई बैंक के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रो. डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान के जरिए किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त से 8 सितंबर तक RIO परिसर में नेत्रदान को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान इच्छुक लोग Eye Donation Pledge Form भी भर सकेंगे। अभियान के दौरान आम लोगों को नेत्रदान की प्रक्रिया, पात्रता और इससे जुड़ी गलत धारणाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
27 अगस्त को जागरूकता रैली निकाली जाएगी, जिसमें डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ तथा विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। इसके बाद 29 अगस्त को पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 2 सितंबर को नेत्रदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि 5 सितंबर को पीजी छात्रों के लिए नेत्रदान विषय पर सेमिनार आयोजित होगा। आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करना और जरूरतमंदों तक दृष्टि पहुंचाने के प्रयास को मजबूत करना है।


