सड़क नहीं पहुंची तो खाट बनी एंबुलेंस, बीमार महिला को 1 किलोमीटर पैदल ढोकर पहुंचाया अस्पताल






गिरिडीह : गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड के बढ़नियाटांड़ गांव में सड़क की कमी ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें सामने ला दीं। सोमवार को गांव की एक बीमार महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई, लेकिन पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और कंधे पर उठाकर करीब एक किलोमीटर तक पैदल मुख्य सड़क तक ले गए।


जानकारी के अनुसार संडोला हांसदा की पत्नी संझली मरांडी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों ने एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की, लेकिन वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाया। इसके बाद ग्रामीणों ने खाट को अस्थायी डोली की तरह इस्तेमाल किया और महिला को दुर्गम रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बढ़नियाटांड़ को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए लंबे समय से पक्की सड़क और नैना नदी पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है। बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं और इलाज, बच्चों की पढ़ाई तथा रोजमर्रा की आवाजाही तक प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क और पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में आपात स्थिति में किसी मरीज को खाट पर उठाकर अस्पताल ले जाने की मजबूरी न पड़े।


