जेल जा चुके आरोपी की कंपनी को मिली JSSC परीक्षा की जिम्मेदारी, जांच में बड़ा खुलासा



रांची : JSSC डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के दौरान CID को अहम जानकारी मिली है। दिल्ली से गिरफ्तार अरुण कुमार पर बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े 14.3 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है और इसी मामले में वह जेल भी जा चुका है। जांच में सामने आया कि जेल में रहने के दौरान ही उसने झारखंड में भर्ती घोटाले की योजना बनाई। इसके बावजूद बाद में उसकी कंपनी को JSSC की डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा से जुड़ा काम मिल गया।


जांच के अनुसार 2017-18 और 2018-19 में बिहार सिपाही भर्ती का टेंडर एक निजी कंपनी को मिला था, जहां आवेदन शुल्क की रकम में गड़बड़ी के आरोप में अरुण को जेल भेजा गया। जमानत प्रक्रिया के दौरान उसका संपर्क पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन सेक्शन अफसर अभिषेक और अन्य लोगों से हुआ। आरोप है कि इसके बाद परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई गई। सितंबर 2022 की पूछताछ में अभिषेक ने अरुण से जुड़ी जानकारी पुलिस को दे दी थी, फिर भी अरुण गिरफ्तारी से बचा रहा और अगस्त 2026 में CID ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया।


