घर में घुसकर 2 घंटे तक तांडव, फ्रिज के पीछे छिपकर बचीं मां-बेट, केस वापस लेने के लिए बदमाशों का खूनी दबाव

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Saraikela: जमशेदपुर शहर के परसूडीह थाना क्षेत्र के बारीगोड़ा (गायत्रीनगर) में अपराधियों का दुस्साहस एक बार फिर सामने आया है. बुधवार देर रात बदमाशों ने चालक धर्मवीर सिंह के घर में घुसकर करीब दो घंटे तक जमकर उत्पात मचाया, तोड़फोड़ की और पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया. इस दौरान घर में मौजूद धर्मवीर की मां और बहन ने कमरे में रखे फ्रिज के पीछे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई. घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है.

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* केस वापस लेने के लिए बनाया जा रहा था दबाव:

पीड़ित परिवार के अनुसार, यह पूरी वारदात 17 जून को धर्मवीर सिंह पर हुए जानलेवा हमले और अपहरण के प्रयास के मामले से जुड़ी है. उस हमले में चापड़, लोहे के पंच और बोल्डर से हमला कर धर्मवीर की एक आंख की रोशनी चली गई थी. फिलहाल उनका इलाज रिम्स, रांची में चल रहा है. आरोप है कि इसी मामले में समझौता करने और केस वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था. जब परिवार नहीं माना तो आरोपितों ने घर पर धावा बोल दिया.

* फ्रिज के पीछे छिपकर बचीं मां और बेटी :

बदमाशों के घर में घुसते ही धर्मवीर की मां और बहन ने खुद को बचाने के लिए कमरे में रखे फ्रिज के पीछे छिपा लिया. करीब दो घंटे तक घर में तोड़फोड़ और धमकाने का सिलसिला चलता रहा. पूरे घटनाक्रम से परिवार दहशत में है.
100 डायल और टाइगर मोबाइल को किया फोन, देर से पहुंची पुलिस
परिवार का आरोप है कि घटना शुरू होते ही सबसे पहले 100 डायल और टाइगर मोबाइल को सूचना दी गई. 100 डायल से पुलिस भेजने का आश्वासन मिला, जबकि टाइगर मोबाइल के जवान ने खुद को राहरगोड़ा में होने की बात कहकर आने में असमर्थता जताई और दूसरा नंबर दे दिया. आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने तक हमलावर फरार हो चुके थे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है.

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* तीन आरोपित गिरफ्तार, एक नाबालिग भी शामिल :

घटना की शिकायत दर्ज होने के बाद परसूडीह पुलिस ने छापेमारी कर राज गगरू उर्फ राजकुमार, विवेक गुप्ता उर्फ विवेक कुमार और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया. गुरुवार देर रात तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

* दोनों पक्षों का रहा है विवादित इतिहास:

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई के एंगल से भी की जा रही है. थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष का भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. धर्मवीर सिंह, उनके भाई कर्मवीर सिंह और पिता मुन्ना सिंह पहले होली के दौरान हथियार लहराने और क्षेत्र में अशांति फैलाने के आरोप में जेल जा चुके हैं. वहीं कर्मवीर सिंह के खिलाफ विभिन्न थानों में पांच से अधिक मामले दर्ज हैं.

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