अखिलेश सिंह के कथित आर्थिक नेटवर्क पर ED का शिकंजा, रोहतक प्लांट पर छापा; 150 करोड़ रुपये के हवाला लेन-देन की जांच तेज



जमशेदपुर: शहर के कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के तहत हरियाणा के रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बीयर फैक्ट्री बॉटलिंग एवं पैकेजिंग प्लांट पर छापेमारी की गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करीब 150 करोड़ रुपये के कथित हवाला लेन-देन की जांच के सिलसिले में की गई है।

सूत्रों के अनुसार, ED ने इस मामले में पहले ही ECIR/RNZDO/07/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब उसी जांच को आगे बढ़ाते हुए रोहतक स्थित प्लांट में दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि संदिग्ध आर्थिक लेन-देन और हवाला नेटवर्क के तार इस मामले से जुड़े हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के इस प्लांट का संचालन अशोक सिंह राघव द्वारा किया जाता है। ED यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी और उससे जुड़े लोगों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन का स्वरूप क्या था और कहीं इसमें अवैध धन के इस्तेमाल या मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत तो नहीं हैं।
कई राज्यों तक फैली जांच
जांच का दायरा केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। हवाला नेटवर्क के तार पंजाब के लुधियाना और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसी बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों, कंपनियों के रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की गहन जांच कर रही है।
विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद पहली बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद इस मामले में ED की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। एजेंसी अब हत्या से जुड़े संभावित आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि अपराध जगत से जुड़े लोगों के बीच वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का स्रोत क्या रहा है।
कोर्ट से राहत के बाद फिर बढ़ी जांच
बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जुड़े एक मामले में राहत मिलने के बाद ED ने दोबारा इस जांच को गति दी है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल ED की टीम दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी है। जांच के दौरान यदि हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


