पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी का कार्यालय

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा एम एम डी आर विधेयक का प्रतिकार किया। आगे कहा कि झारखंड के अधिकार, हमारी आर्थिक स्वायत्तता और हमारे जल-जंगल-जमीन के सम्मान की आवाज बुलंद करने के कार्य कर रहे हैं। झारखंड कोई सामान्य राज्य नहीं है। इस धरती ने देश को कोयला, लौह अयस्क, यूरेनियम और अनेक बहुमूल्य खनिज सम्पदा दिए हैं। लेकिन आज सवाल यह खाडा होता है कि —खनिज झारखंड की धरती से निकलेंगे, तो उस पर सबसे पहला अधिकार झारखंड की जनता और राज्य का होना चाहिए ना की दिल्ली की तानाशाही सरकार का MMDR संशोधन विधेयक में खनिज-युक्त भूमि के नियमन में केंद्र की भूमिका बढ़ाने और राज्यों द्वारा खनिज अधिकार तथा खनिज-युक्त भूमि पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त कर या सेस को केंद्रीय शर्तों से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। जो सरासर गलत है हम केंद्र सरकार से पूछना चाहते हैं—सब का साथ सब का विकास केवल भाषणों तक सीमित है अगर राज्यों को उनके प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में पर्याप्त अधिकार ही नहीं मिलेगा, तो संविधान में दिए गए संघीय ढांचे का क्या होगा?

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

 

झारखंड के लिए खनिज केवल जमीन के नीचे पड़ा हुआ पत्थर या अयस्क नहीं है। यही खनिज हमारे स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, रोजगार और गरीबों के कल्याण के लिए राजस्व का महत्वपूर्ण आधार हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस विधेयक के संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर केंद्र के सामने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है— हम विकास का विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर राज्यों के अधिकारों का केंद्रीकरण स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम चाहते हैं कि झारखंड के खनिजों से होने वाले लाभ का बड़ा हिस्सा झारखंड की जनता, आदिवासी समाज, मजदूरों, किसानों और स्थानीय युवाओं के विकास पर खर्च हो। आज हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि इस कानून के उन प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए जो राज्यों की वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता एवं अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं।

See also  मनसा पूजा का प्रसाद खाकर लौट रहे थे दो भाई, 407 की टक्कर में एक की मौत

 

झारखंड की धरती हमारी है, झारखंड के संसाधन हमारे हैं, और झारखंड की जनता के अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से संविधान, संघीय ढांचे, सामाजिक न्याय और जनता के अधिकारों के लिए लड़ती आई है और आगे भी लड़ती रहेगी। आइए, हम सब मिलकर आवाज उठाएं, खनिज हमारा—अधिकार हमारा जल, जंगल, जमीन—झारखंड की पहचान है इसे किसी कीमत में बर्बाद नहीं होने देंगे

About The Author

You may have missed