सरकारी चेतावनी के बावजूद OLA, UBER और Rapido में अब भी ‘एडवांस टिपिंग’ का विकल्प चालू, ग्राहकों से सेवा पूर्व में टिप लेना कानूनन गलत — उपभोक्ता मंत्रालय ने जताई सख्ती

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नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद देश की प्रमुख ऐप आधारित कैब सेवाएं — ओला, उबर और रैपिडो — अब भी ग्राहकों को यात्रा से पहले एडवांस टिप देने का विकल्प दे रही हैं। यह सीधे तौर पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन माना जा रहा है।

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मंत्रालय ने बीते सप्ताह इन कंपनियों को नोटिस जारी कर यह चेताया था कि सेवा की गुणवत्ता का मूल्यांकन सेवा के उपरांत किया जाना चाहिए, न कि पूर्व में। इसके बावजूद संबंधित ऐप्स में ‘टिप ऐड करें’ या ‘ड्राइवर को एडवांस टिप दें’ जैसे विकल्प अब भी दिख रहे हैं।

उपभोक्ता संगठन VOICE और कई डिजिटल अधिकार मंचों ने भी इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ग्राहकों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बनाया जा रहा है कि वे सेवा की शुरुआत से पहले ही अतिरिक्त राशि अदा करें। यह न सिर्फ भ्रामक व्यापारिक व्यवहार है, बल्कि डिजिटल उपभोक्ता स्वतंत्रता का हनन भी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, टिप एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसे सेवा से संतुष्ट होने के बाद ही दिया जाना चाहिए। यदि कंपनियां इसे पहले से जोड़ती हैं, तो यह ग्राहक के निर्णय की आज़ादी को प्रभावित करता है और अनुचित व्यापारिक आचरण की श्रेणी में आता है।

उपभोक्ता मंत्रालय के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि अगर इन कंपनियों ने इस निर्देश की अवहेलना जारी रखी, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐप पर दंडात्मक प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।

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