स्मार्ट मीटर में अब उपभोक्ताओं की मर्जी, प्रीपेड का दबाव नहीं



Saraikela: सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी ऑथोरिटी ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए स्मार्ट मीटर में प्रीपेड पहले रिचार्ज करने वाली व्यवस्था की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. अब किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपेड मीटर जबरदस्ती नहीं थोपा जाएगा. लोग अपनी पसंद के हिसाब से प्रीपेड या पुराना पोस्टपेड मोड चुन सकेंगे, हालांकि जहां मोबाइल नेटवर्क अच्छा है, वहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम तय समय पर चलता रहेगा, लेकिन बिलिंग का तरीका चुनना पूरी तरह से उपभोक्ता की मर्जी पर निर्भर होगा.


इस नए फैसले से झारखंड बिजली वितरण निगम के अधिकारी अभी उलझन में हैं, क्योंकि उनके पास अभी तक इसके आधिकारिक सरकारी दस्तावेज नहीं पहुंचे हैं. रांची में अब तक 3.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 3 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं का मीटर प्रीपेड मोड में बदला भी जा चुका है. बिजली विभाग के निदेशक पीके श्रीवास्तव का कहना है कि जैसे ही इस नए नियम से जुड़े आधिकारिक कागजात मिलेंगे, विभाग उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा और नए नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा.


