मरांगबुरु संरक्षण को लेकर 20 सितंबर को सम्मेलन, 4-5 नवंबर के महासम्मेलन की बनेगी रणनीति

Advertisements

जमशेदपुर : मरांगबुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा और धाड़ दिशोम माझी परगना महाल का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल असम के दौरे पर है। प्रतिनिधिमंडल में मरांगबुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय महासचिव हीरालाल मुर्मू, बिंदे सोरेन, सोमाय टुडू और धाड़ दिशोम देश पारानिक दुर्गाचरण मुर्मू शामिल हैं। शुक्रवार को असम पहुंचने के बाद प्रतिनिधियों ने गुवाहाटी साहित्य सभा भवन में 20 सितंबर को होने वाले राज्य स्तरीय मरांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

संयोजक महावीर बास्के ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य झारखंड के गिरिडीह जिला स्थित मधुबन में 4-5 नवंबर को होने वाले ‘मरांग बुरु धोरोमगाढ़ महासम्मेलन’ को सफल बनाना है। राज्य स्तरीय सम्मेलन में असम के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रतिनिधियों को जिम्मेदारियां दी जाएंगी, ताकि मधुबन महासम्मेलन में अधिक से अधिक आदिवासियों की भागीदारी हो सके। प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी बहुल इलाकों का दौरा कर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों से भी मुलाकात की और आदिवासी स्वशासन व्यवस्था, सरना धर्म व समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने असम विधानसभा के पूर्व स्पीकर पृथ्वी माझी से भी मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान धर्म, संस्कृति, भाषा, पूजा पद्धति, रीति-रिवाज, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई तथा आगामी सम्मेलन के लिए उनसे सुझाव लिया गया। महावीर बास्के के अनुसार, राज्य स्तरीय सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसमें पूरे असम से आदिवासी प्रतिनिधि शामिल होकर पवित्र धार्मिक स्थल ‘मरांगबुरु’ के संरक्षण और सुरक्षा पर अपने विचार रखेंगे।

About The Author

You may have missed