शहर की हवा बनी चिंता, AQI 140 तक पहुंचा; क्लीन एयर प्रोग्राम पर करीब ₹80 करोड़ खर्च



जमशेदपुर : ग्रीन सिटी के नाम से पहचान रखने वाले जमशेदपुर में वायु प्रदूषण लगातार चिंता बढ़ा रहा है। क्लीन एयर सर्वे की रैंकिंग में शहर धनबाद और रांची से भी पीछे है। 7 सितंबर की शाम 6.01 बजे AQI 140 और 8 सितंबर की सुबह 8.01 बजे 120 दर्ज किया गया, जबकि मानक स्तर 50 माना जाता है। शहर में पीएम-10 का स्तर 86 से 175.33 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और औद्योगिक क्षेत्र के केंद्र 382 में 94.25 से 161.37 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक रहा। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अनुसार पीएम-10 का 24 घंटे का मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। नाइट्रोजन ऑक्साइड 36.34 से 55.14 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो निर्धारित 80 की सीमा के भीतर है।


प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के बीच कुछ PUC सेंटरों पर बिना वाहन जांच के सर्टिफिकेट जारी किये जाने की बात सामने आ रही है। बिष्टुपुर और गोलमुरी में प्रदूषण बोर्ड के सेंटर बंद हो चुके हैं। क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करीब ₹80 करोड़ खर्च किये गये हैं, लेकिन सड़कों की सफाई के लिए खरीदी गयी स्वीपिंग मशीन बेकार पड़ी है और 10 स्थानों पर प्रस्तावित फव्वारों में अब तक एक भी नहीं लगाया गया। प्रदूषण नियंत्रण पदाधिकारी, कोल्हान जीतेंद्र सिंह ने कहा कि नागरिक क्षेत्रों में उपायों की जिम्मेदारी नगर निकायों की है, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
वायु प्रदूषण का असर स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है। एमजीएम अस्पताल और टीएमएच की ओपीडी में सांस संबंधी मरीजों की संख्या में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज किये जाने की बात कही गयी है। फिजिशियन डॉ एसके झा के अनुसार, पीएम 2.5 बढ़ने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। सुबह सैर करने वालों में गले में खराश और आंखों में जलन की शिकायत भी सामने आ रही है।


