बोकारो ट्रेजरी घोटाला: अकाउंटेंट कौशल पांडे के कबूलनामे से मचा हड़कंप, “ऊपर से नीचे तक चलता था कमीशन का खेल”

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झारखंड के बहुचर्चित बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार बोकारो पुलिस कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल पांडे ने एसआईटी की पूछताछ में कई अहम राज उगले हैं। सूत्रों के मुताबिक, कौशल पांडे ने स्वीकार किया है कि करोड़ों रुपये के इस फर्जीवाड़े में सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

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बताया जा रहा है कि पूरे नेटवर्क में “ऊपर से नीचे तक” कमीशन का खेल चलता था, जिसके कारण लंबे समय तक सरकारी खजाने से अवैध निकासी का सिलसिला बिना किसी रोक-टोक के जारी रहा। इस खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और कई अधिकारियों की भूमिका अब जांच के दायरे में आ सकती है।

एसआईटी की टीम, जिसमें अधिकारी नेहा बाला और नरेश सिन्हा शामिल हैं, लगातार दूसरे दिन भी आरोपी से पूछताछ कर रही है। साइबर थाना में तीन दिन की रिमांड पर लाए गए कौशल पांडे से पहले भी कई दौर की पूछताछ हुई थी, लेकिन तब वह जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। इस बार पूछताछ में उसने पैसों के लेनदेन, कमीशन सिस्टम और फर्जी निकासी से जुड़े कई अहम तथ्यों को स्वीकार किया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह कोई साधारण साइबर ठगी नहीं, बल्कि सरकारी वित्तीय प्रणाली में सुनियोजित तरीके से की गई बड़ी हेराफेरी है। आरोप है कि कौशल पांडे ने ई-कुबेर बिल मैनेजमेंट सिस्टम में तकनीकी छेड़छाड़ कर सरकारी खजाने से अवैध निकासी की। इसके लिए उसने पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

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तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि मृत और रिटायर हो चुके कर्मचारियों की जन्मतिथि, बैंक खाते और अन्य जरूरी डाटा में बदलाव किया गया। नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच करीब 63 बार फर्जी तरीके से रकम निकाली गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे खेल के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी हुई।

सबसे बड़ा खुलासा पैसों के ट्रांसफर को लेकर हुआ है। जांच में पता चला है कि सरकारी खाते से निकाली गई रकम कौशल पांडे ने अपनी पत्नी अनु पांडे और अपनी मां के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। अब एसआईटी इस पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। वहीं, इस घोटाले ने सरकारी वित्तीय सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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