बिजली और पानी की समस्या को लेकर भाजपा का जिला मुख्यालय घेराव, हजारों कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन


Saraikela : भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर बिजली और पानी की समस्या को लेकर घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले भर से पहुंचे हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार जन समस्याओं के प्रति पूरी तरह लापरवाह हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा केवल दिखावा बनकर रह गया है और जनता को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि शहरों में 10-12 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब है। स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। किसानों को भी बिना उपयोग के हजारों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अस्पतालों तक में संकट की स्थिति बन रही है।
भाजपा नेता अभय सिंह ने कहा कि भाजपा एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने केंद्र की “हर घर नल जल” योजना को प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने दिया।
अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान ने कहा कि राज्य सरकार ने 72 घंटे के भीतर खराब चापाकलों की मरम्मत का दावा किया था, लेकिन आज भी राज्यभर में हजारों चापाकल खराब पड़े हैं। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, बढ़ी हुई बिजली दर वापस ली जाए, जले हुए ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदला जाए तथा फर्जी बिजली बिलों की जांच कर आम जनता को राहत दी जाए। इसके अलावा सभी बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत और नल-जल योजना को शीघ्र पूरा करने की भी मांग उठाई गई।
कार्यक्रम को संजय सरदार, अनंत राम टुडू, उदय सिंहदेव, रमेश हँसदा और रितिका मुखी ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल रहे।


