फर्जी निकासी पर बड़ा खुलासा, ट्रेजरी ने झाड़ा पल्ला—DDO को ठहराया जिम्मेदार


रांची : झारखंड में वेतन मद से फर्जी निकासी के मामलों को लेकर विवाद बढ़ने के बीच झारखंड वित्त सेवा संघ ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। संघ ने कहा कि ट्रेजरी स्तर पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है और हाल के मामलों में कोषागार की कोई भूमिका नहीं है। इस संबंध में वित्त विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर पूरी स्थिति स्पष्ट की गई है। संघ के अनुसार बोकारो, हजारीबाग और रांची सहित कई जिलों में सामने आए मामलों को ‘ट्रेजरी घोटाला’ कहना भ्रामक है। उन्होंने बताया कि भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) स्तर पर तैयार होते हैं और अंतिम स्वीकृति भी वहीं से दी जाती है। ट्रेजरी की भूमिका केवल दस्तावेजों की जांच तक सीमित रहती है, जिसमें राशि, लाभुक और बैंक विवरण की पुष्टि की जाती है।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कई मामलों में विभागीय स्तर पर ही गलत जानकारी और फर्जी विवरण देकर भुगतान निकासी की प्रक्रिया पूरी की गई। संघ ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने पर जोर दिया है।


