JPSC घोटाले में बड़ा खुलासा, यूपी परीक्षा कांड से जुड़ा उस्मान बना मास्टरमाइंड

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रांची : JPSC नियुक्ति घोटाला और JSSC CGL गड़बड़ी की जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा घोटाले में शामिल रहा मो. उस्मान ही JPSC में हुई गड़बड़ी का मास्टरमाइंड था. जांच के अनुसार उत्तर प्रदेश में उस्मान एक दूसरी कंपनी के लिए काम करता था और वहां आयोजित परीक्षाओं में OMR शीट से छेड़छाड़ करता था. इसकी जानकारी TDPL के निदेशक रामवीर सिंह को मिली, जिसके बाद उन्होंने उस्मान को JPSC में काम करने का प्रस्ताव दिया. उसे TDPL का कर्मचारी बताया गया, जबकि वह दूसरी कंपनी का स्टाफ था और TDPL ने उसे हायर किया था. उस्मान समेत चार लोगों की मदद से JPSC अभ्यर्थियों की OMR शीट में बदलाव किये जाते थे. OMR की PDF से छेड़छाड़ के साथ मूल डेटा भी बदले जाने की बात जांच में सामने आयी है.

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CID अब उत्तर प्रदेश में हुई परीक्षाओं में गड़बड़ी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. जांच का एक अहम बिंदु यह है कि JPSC परीक्षा में सारी गड़बड़ियां TDPL निदेशक रामवीर सिंह की भूमिका से हुईं या नहीं और मामला केवल OMR शीट तक सीमित था अथवा मुख्य परीक्षा की कॉपियों में भी बदलाव किया गया. गिरफ्तार उस्मान और एक अन्य आरोपी ने रामवीर सिंह पर सीधे आरोप लगाये हैं. JPSC की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी ने भी TDPL निदेशक को मुख्य कर्ता-धर्ता बताया है. JPSC पेपर लीक मामले में CID ने रविवार को गिरिडीह के बेंगाबाद थाने से एक और आरोपी समीर कुमार को गिरफ्तार किया. दिल्ली से पकड़े गये दो आरोपियों से पूछताछ जारी है. पूछताछ में वेबेल, उससे जुड़ी संस्था INS और कुछ अन्य कंपनियों की जानकारी मिली है. आरोपियों के अनुसार वे निचले स्तर पर काम करते थे, जबकि वेबेल के निदेशक मिथिलेश सिंह और दो अन्य व्यक्ति मुख्य स्तर पर काम तथा JSSC से बातचीत करते थे.

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