सरंडा में नक्सलियों पर बड़ा शिकंजा, 17 ढेर और 25 ने किया सरेंडर, IPS अमित रेणु की रणनीति चर्चा में

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रांची : झारखंड के सरंडा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। अभियान के दौरान 17 नक्सली मारे गए, जबकि 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति की काफी चर्चा हो रही है।

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सितंबर 2025 में चाईबासा में एसपी के रूप में योगदान देने के बाद अमित रेणु ने सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने पर जोर दिया। गांव-गांव जाकर लोगों का विश्वास जीतने और स्थानीय सूचना तंत्र विकसित करने की रणनीति अपनाई गई।वहीं 22 जनवरी 2026 को चला ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ झारखंड के सबसे बड़े एंटी नक्सल अभियानों में शामिल हो गया। इस अभियान में एक करोड़ के ईनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल समेत 17 माओवादियों को मार गिराया गया।

अभियान में कोबरा, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। 21 मई 2026 को सागेन अंगिरया समेत 25 माओवादियों के आत्मसमर्पण को भी पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है।पश्चिम सिंहभूम के एसपी और आईपीएस अधिकारी अमित रेणु की अगुवाई में चलाए गए अभियान में सरंडा जंगल में सक्रिय नक्सली नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान कई हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए। लगातार बढ़ते दबाव और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण कई नक्सलियों ने सरेंडर का रास्ता चुना।

मिसिर बेसरा, असीम मंडल, अजय और सालुका कायम जैसे इनामी माओवादी अब भी सक्रिय हैं। एसपी अमित रेणु ने कहा कि सुरक्षाबल लगातार जंगलों में अभियान चला रहे हैं और आने वाले दिनों में या तो शेष माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे या फिर कार्रवाई में मारे जाएंगे।

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