आदित्यपुर : नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का हुआ समापन, सम्मानित हुए पदाधिकारी, महाभण्डारा में उमड़े लोग

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Adityapur : पिछले 6 जनवरी से आदित्यपुर के जय प्रकाश उद्यान में जारी श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के ज्ञान यज्ञ में कथा का विराम हो गया. आज के प्रसंग में सबसे पहले स्वामी चिंता हरण जी ने राम कथा के गूढ़ रहस्यों का उद्घाटन किया. जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे विश्वामित्र जी महाराज दशरथ से राम को मांगा. राम ने अहिल्या का उद्धार किया. अहिल्या ने इसमें मुनि के श्राप को वरदान माना. फिर श्री सर्वेश्वरानंद जी ने राम कथा के सार को समझाते हुए कहा कि राम का सभी कार्य आदर्श और धर्म के लिए प्रतिमान है. चाहे बाल लीला, चाहे शादी चाहे वन गमन, चाहे पुत्र धर्म या चाहे राजा धर्म है जब समय सब जगह राम ने आदर्श पेश किया जो पूरे विश्व के मानव जाति के लिए आदर्श रहेगा.

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अंत में यतिराज स्वामी सुन्दर राज जी ने भगवान् कृष्ण के बचपन की लीलाओं को बताया और कैसे एक से बढ़कर एक दुष्टों का संहार कैसे किया और कैसे भगवान् कृष्ण ने ब्रह्म के सामान असंभव को संभव बनाया. उसके बाद सभी सेवा देने वाले पदाधिकारियों एवं सदस्यों को सम्मानित किया गया. जिसमें शंभुनाथ सिंह, ए के श्रीवास्तव, अरविंद कुमार, रवींद्र नाथ चौबे, शिवपूजन सिंह, सुधीर सिंह, राजीव नयन पांडेय, सुनील सिंह, उदय जी, अनुराग, रमन चौधरी, अनिल कुमार तिवारी, एल एन ओझा, संजय तिवारी शामिल रहे. इस महायज्ञ को सफल बनाने में राजेश्वर पान्डेय, राजेश सिंह, अमित सिंह बाबी, सूरज भदानी, सनोज कुमार सिंह के अलावा पूर्व सैनिक सेवा परिषद के 11 साथियों जिसमें रूपेश कटियार, मीरा तिवारी आदि शामिल रहे. अंत में सुधीर सिंह को सभी ने मिलकर सम्मानित किया और स्वामी जी ने आशीर्वाद दिया. अंत में आयोजित महाभण्डारा में श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर प्रसाद ग्रहण कर यज्ञ के भंडारे को पूर्ण रूप से सफल बनाया.

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