3 महीने में 17,296.28 टन अवैध बालू जब्त, 960 वाहन पकड़े और 173 प्राथमिकी दर्ज



रांची : झारखंड में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद बालू सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। खनन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 132551.43 टन बालू और 82320.67 टन पत्थर जब्त किया गया। वहीं अप्रैल से जून 2026 के शुरुआती तीन महीनों में 17296.28 टन बालू और 8992.26 टन पत्थर पकड़ा गया। यह मात्रा पिछले पूरे वित्तीय वर्ष की जब्ती का क्रमशः करीब 13 फीसदी और 11 फीसदी है। तीन महीनों में दोनों खनिजों की कुल जब्ती 26288.54 टन रही।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में बालू से जुड़े मामलों में 3506 निरीक्षण, 3347 वाहन जब्त और 834 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि 517.03 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। पत्थर से जुड़े मामलों में 2576 निरीक्षण, 1300 वाहन जब्ती, 248 प्राथमिकी और 734.19 लाख रुपये जुर्माना दर्ज हुआ। अप्रैल-जून 2026 में बालू-पत्थर से जुड़े मामलों में 960 वाहन जब्त, 173 प्राथमिकी और कुल 4.29 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया। 2025-26 में सबसे ज्यादा बालू गुमला में 24115 टन, खूंटी में 20465 टन, जमशेदपुर में 14637.60 टन और रांची में 6910 टन पकड़ा गया, जबकि अप्रैल-जून 2026 में जमशेदपुर 9200.44 टन जब्ती के साथ सबसे आगे रहा।
राज्य में 10 जून से 15 अक्तूबर तक बालू खनन पर रोक के बावजूद अवैध बालू पकड़े जाने के मामले जारी हैं। अप्रैल 2026 में लागू झारखंड मिनरल (प्रवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) अमेंडमेंट रूल्स 2026 के तहत अवैध खनिज ढुलाई वाले वाहनों पर 50 हजार से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। एक डंफर बालू पकड़े जाने पर तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।


