विश्व आदिवासी दिवस पर गूंजा मांदर-नगाड़ा, सड़कों पर उतरा समाज; अधिकारों को लेकर उठी आवाज






जमशेदपुर :विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को आदिवासी एकता मंच ने नेशनल हाईवे स्थित चांदनी चौक से पदयात्रा निकाली। बाइक सवार युवक-युवतियों के साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी इसमें शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा और औजारों के साथ निकली यात्रा में मांदर-नगाड़ों की थाप के बीच आदिवासी एकता और वीर शहीदों के सम्मान में नारे लगाए गए। यात्रा मानगो बाबा तिलका माझी चौक, डिमना रोड, उलीडीह, मानगो पुल और अंबेडकर चौक होते हुए साकची बिरसा मुंडा चौक पहुंची। यहां भगवान बिरसा मुंडा के चरणों में पुष्प अर्पित किए गए। इसके बाद यात्रा बालीगुमा स्थित आशियाना पहुंचकर समाप्त हुई।


आदिवासी एकता मंच के अध्यक्ष दीनबंधु सिंह ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि एकता, संस्कृति और अधिकारों की आवाज को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के साथ पेसा और सीएनटी कानून को पूरी तरह लागू करने की मांग की। रैली में पारडीह से मुखियाडांगा तक नए फ्लाईओवर का नाम बाबा तिलका माझी के नाम पर रखने, आदिवासी भूमि के अवैध म्यूटेशन पर कार्रवाई, स्थानीय एवं नियोजन नीति स्पष्ट करने और परिसीमन में आदिवासी समाज के अधिकार सुरक्षित रखने समेत कई मुद्दे उठाए गए। रैली में दीनबंधु सिंह, सुनील हेंब्रम, मंगल टुडू, राजा राम मुर्मू, जर्मन मार्डी, शगुन सोरेन समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।


