आदित्यपुर नगर निगम: सफाई के नाम पर ‘100 लेबर’ का खेल, ठेकेदार और मेयर संजय सरदार में ‘डील’ के आरोप? आखिर इस खेल में मेयर का कितना है शेयर?






आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम में सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रुपये के खेल का आरोप सामने आया है। 100 मजदूरों की सप्लाई का टेंडर कागजों पर तो पूरी रफ्तार से दौड़ रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है। आरोप है कि इस पूरे खेल में सफाई ठेकेदार (संवेदक) और नगर निगम के मेयर संजय सरदार के बीच कथित सांठगांठ की चर्चा अब खुलेआम होने लगी है। और सूत्र बताते है कि इस खेल के मेयर का भी शेयर है।


कागज़ पर 100, ज़मीन पर सिर्फ़ 30!
आरोप है कि संवेदक द्वारा प्रतिदिन 100 मजदूर उपलब्ध कराने के नाम पर निगम से भुगतान लिया जाता है, जबकि वास्तविकता में केवल 30 से 40 मजदूर ही सफाई कार्य में लगाए जाते हैं। बाकी 50 से 60 मजदूरों के नाम पर होने वाले भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम के गलियारों में चर्चा है कि इस कथित खेल की मलाई ऊपर तक पहुंच रही है।
‘पूर्व खिलाड़ी’ ही अब कर रहे कप्तानी?
इस पूरे विवाद की सुई नगर निगम के सर्वोच्च पद पर बैठे मेयर संजय सरदार की ओर भी घूम रही है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि मेयर स्वयं पहले सफाई एजेंसी और लेबर सप्लायर के रूप में कार्य कर चुके हैं और उसी अनुभव का इस्तेमाल कर अब पूरे सिस्टम को अपने प्रभाव में संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इस बारे में संजय सरदार का कोई बयान सामने नहीं आया है।
बोर्ड बैठक में भी गूंजा मुद्दा
इस कथित घोटाले को लेकर नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्ड-30 के पार्षद सुधीर चौधरी ने भी खुलकर सवाल उठाए थे और पूरे मामले की जांच की मांग की थी। इसके बावजूद निगम प्रशासन की चुप्पी और अब तक किसी ठोस कार्रवाई का सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बड़ा खुलासा जल्द!
इस पूरे कथित सिंडिकेट और भ्रष्टाचार के खेल से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य प्रमाण भी है। लोक आलोक न्यूज़ जल्द ही इस मामले की अगली कड़ी में दस्तावेज़ों, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के साथ पूरा खुलासा प्रकाशित करेगा।


