फीस कमेटी में प्रिंसिपल की नियुक्ति पर बवाल, अभिभावकों का विरोध तेज

0
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर : जिला स्तरीय स्कूल शुल्क निर्धारण समिति में डीबीएमएस स्कूल की प्रिंसिपल को सदस्य बनाए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शिक्षा सत्याग्रह के साथ जुड़े अभिभावक प्रतिनिधियों ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया है। उनका कहना है कि जिस संस्थान ने झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 का विरोध करते हुए 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और 2024 तक मामला लंबित रखा, उसके प्रतिनिधि को समिति में शामिल करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।इस मामले में शिकायतकर्ता अंकित आनंद ने उपायुक्त सह समिति अध्यक्ष और जिला शिक्षा अधीक्षक को लिखित आपत्ति दी है। मंगलवार शाम टेल्को स्थित लिटिल फ्लॉवर स्कूल के सामने प्रेस वार्ता कर नियुक्ति के खिलाफ विरोध जताया गया। अभिभावकों का कहना है कि जो संस्थान खुद कानून का पालन नहीं करते, उन्हें नियामक समिति में शामिल करना हितों के टकराव को बढ़ावा देता है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

अभिभावकों ने 2019 से 2026 तक निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस की जिला स्तर पर समीक्षा कराने और पिछले 10 वर्षों का ऑडिट कराने के लिए स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि नियम के अनुसार हर दो साल में 10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि नहीं होनी चाहिए, लेकिन कई स्कूलों ने इसका उल्लंघन किया है। साथ ही समिति गठन में पारदर्शिता और स्पष्ट एसओपी बनाने की भी मांग की गई।

Thanks for your Feedback!

You may have missed