3D प्रिंटिंग तकनीक पर मंथन, इंजीनियर्स के सेमिनार में उद्योग और रिसर्च को जोड़ने पर जोर


जमशेदपुर : द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), जमशेदपुर लोकल सेंटर द्वारा SNTI ऑडिटोरियम में “रॉ मटेरियल सिंथेसिस से एडवांस प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड कैरेक्टराइजेशन” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, छात्रों और पेशेवरों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के ऑफिस हेड मानोस डे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि टाटा स्टील के चीफ – लॉन्ग प्रोडक्ट्स एवं लोकल सेंटर के चेयरमैन विनीत कुमार शाह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के जरिए जटिल डिजाइन को उच्च सटीकता और गुणवत्ता के साथ तैयार किया जा सकता है, जिससे कस्टमाइज्ड और फंक्शनल मटेरियल्स का विकास संभव हो रहा है।
मुख्य अतिथि मानोस डे ने कहा कि इस तरह के सेमिनार रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लागत और ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ तकनीकी समाधानों पर जोर दिया और अकादमिक संस्थानों व उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने की अपील की। तकनीकी सत्रों में CSIR-नेशनल मेटलर्जिकल लैब के डॉ. के. गोपाला ने स्वदेशी धातु पाउडर विकास पर व्याख्यान दिया, जिसमें 22 कैरेट गोल्ड पाउडर के निर्माण की जानकारी दी गई।
इसके अलावा NIT जमशेदपुर और टाटा स्टील के विशेषज्ञों ने 3डी प्रिंटिंग प्रक्रियाओं, सामग्री और उनके औद्योगिक उपयोग पर विस्तार से जानकारी साझा की। इस सेमिनार में टाटा स्टील, टाटा टिनप्लेट, CSIR-NML और TSUISL सहित विभिन्न संस्थानों से 70 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण और प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया के साथ किया गया, जिसे ज्ञानवर्धक और उपयोगी पहल माना गया।


