टाटा मोटर्स में 225 अस्थायी कर्मचारी होंगे स्थायी, 50 साल पुराने सिस्टम का अंत


जमशेदपुर : Tata Motors के जमशेदपुर प्लांट में आज 225 बाई-सिक्स (टेम्पोरेरी) कर्मचारियों को स्थायी करने की सूची जारी की जाएगी। यह इस प्रक्रिया का 10वां बैच होगा और इसके साथ ही कंपनी में पिछले करीब 50 वर्षों से चले आ रहे अस्थायी कर्मियों के दौर के अंत की शुरुआत हो जाएगी।

इस सूची के बाद प्लांट में केवल 200 अस्थायी कर्मचारी शेष रह जाएंगे, जिन्हें जून माह में स्थायी किए जाने की योजना है। इसके बाद कंपनी में टेम्पोरेरी व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
गौरतलब है कि इस व्यवस्था में कर्मचारियों को 15 से 25 वर्षों तक अस्थायी रूप से काम करना पड़ता था और आर्थिक मंदी के दौरान सबसे पहले उन्हें ही नौकरी से हटाया जाता था। इस मामले को लेकर Jharkhand High Court में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर प्रबंधन, यूनियन और श्रम विभाग के बीच समझौता हुआ। जनवरी 2024 में तय फॉर्मूले के अनुसार कुल 2700 कर्मियों को हर तीन महीने में 225 के बैच में स्थायी किया जा रहा है।
नए ग्रेड समझौते के तहत स्थायी कर्मचारियों को अब ‘टी ग्रेड’ में शामिल किया जाएगा, जिससे उनका वेतन बढ़कर लगभग 60 से 70 हजार रुपये तक हो जाएगा।
इसके साथ ही ‘टाटा मोटर्स स्किल ट्रेनिंग’ (TMST) व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। अब कर्मचारियों के बच्चों को ‘एफटीए’ (फुल टाइम अप्रेंटिस) के माध्यम से प्रशिक्षण देकर सीधे स्थायी पूल में शामिल किया जाएगा।


