ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर तेहरान–इस्फहान समेत कई शहरों में जताया शोक और विरोध


तेहरान : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे देश में भय और शोक का माहौल बना दिया है। ईरानी सरकारी टीवी और सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वह संयुक्त अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में मारे गए हैं। राज्य ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है।तेहरान के कई इलाकों में लोग सड़कों पर निकल आए और खामेनेई की तस्वीरें लेकर शोक जताया। श्रद्धांजलि सभा व मौन जुलूस के बीच लोग “खुदा बड़ा है” जैसे धार्मिक नारे लगा रहे हैं।इस्फहान शहर के नक्शे जाहाँ चौक में भी हजारों लोग एकत्रित हुए। उन्होंने खामेनेई के सम्मान में खामोशी और श्रद्धांजलि व्यक्त की। ऐसी ही भीड़ मैशहद में एक पवित्र स्थल के पास भी देखी गई।

कई स्थानों पर साथ ही विरोध के स्वर भी सुनने को मिले। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नाराजगी जताई और वर्तमान संकट का जिम्मेदार उनके देश को बताया।दूसरी ओर भारत के श्रीनगर में भी खामेनेई की मौत के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने “खामेनेई जिंदाबाद” और “अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए और अपनी नाराजगी जताई।
यह घटना मध्य पूर्व और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है। पूरी दुनिया में खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया तेज़ हो रही है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ सकता है।



