राजनीति गरमायी! केजरीवाल-सिसोदिया बरी होने के बाद विपक्ष ने BJP पर हमला तेज़ किया


नई दिल्ली : दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आबकारी नीति मामले में बरी किए जाने के बाद विपक्षी पार्टियों ने भाजपा पर सख़्त निशाना साधा है।विपक्ष के नेताओं का कहना है कि यह फैसला बीजेपी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोपों और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ एक संकेत है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह फैसला बीजेपी के लिए ‘नैतिक मृत्युदंड’ जैसा है, क्योंकि पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति किए जाने की बात सामने आई है।

अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसीयों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया गया, खासकर चुनावों के समय। विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रतिक्रिया दिल्ली समेत राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बनती जा रही है और भाजपा के खिलाफ व्यापक आलोचना तेज़ हो रही है।वहीं कुछ नेताओं ने ताज़ा विधानसभा चुनाव कराने की मांग भी उठाई है, यह तर्क देते हुए कि अदालत का फैसला जनता के निर्णय और राजनीतिक माहौल को बदल सकता है। इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि बरी वाले फैसले के बाद राजनीतिक समीकरण फिर से गर्मा गए हैं और विपक्ष इसे बीजेपी के खिलाफ बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश में है।



