झारखंड में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: महिला और मासूम बेटे को जिंदा जलाया


चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अंधविश्वास की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां जादू-टोना के शक में एक महिला और उसके नाबालिग बेटे को गांव के कुछ लोगों ने जिंदा जला दिया। इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना मंगलवार देर रात कुमारडुंगी थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने परिवार के घर में जबरन घुसकर महिला और उसके बेटे पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
महिला का पति उन्हें बचाने की कोशिश में गंभीर रूप से झुलस गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव में पिछले कुछ दिनों से अफवाहें फैल रही थीं। कुछ लोग परिवार को बीमारियों और अन्य घटनाओं से जोड़ रहे थे। महिला को “डायन” कहकर बदनाम किया जा रहा था। इसी अंधविश्वास ने इस खौफनाक हमले का रूप ले लिया।
पुलिस का कहना है कि करीब 12 ग्रामीणों ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। बुधवार सुबह सभी 12 आरोपित कुमारडुंगी थाना पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई तनाव न फैले। फॉरेंसिक टीम भी सबूत जुटाने में लगी है।
पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सख्त कानून होने के बावजूद कुछ ग्रामीण इलाकों में डायन प्रथा जैसी कुप्रथाएं अब भी जड़ें जमाए हुए हैं।



