असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का फायरिंग वाला विवादित वीडियो

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असम : सुप्रीम कोर्ट असम के सीएम हिमंता विश्वा सरमा के विवादित वीडियो से संबंधित मामला सुनने को राजी हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआई(एम) व सीपीआई के नेताओं द्वारा दायर याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की हाभी भरी है. इस विवादित वीडियो में हिमंता मुस्लिम लोगों की ओर राइफल ताने हुए नजर आ रहे है. इस वीडियो के आधार पर वामपंथी नेताओं ने हिमंता के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है. सीनियर वकील निजाम पाशा ने मंगलवार को अपनी याचिका सीजेआई सूर्यकांतके सामने मेंशन की. उन्होंने असम के सीएम के हलिया भाषण व विवादित वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई. साथ ही निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी. लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताते हुए कहा, कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख तक करेगा.असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 27 जनवरी को कहा था कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में 4 से 5 लाख मिया मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।

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उन्होंने कहा था कि हिमंत बिस्व सरमा और भाजपा सीधे तौर पर मिया समुदाय के खिलाफ हैं। उन्होंने लोगों से मिया समुदाय को परेशान करने की अपील की। उनका कहना था कि जब तक उन्हें परेशानी नहीं होगी, वे असम नहीं छोड़ेंगे।

मिया बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक अपमानजनक शब्द है। असम सीएम के मुताबिक वे मूल निवासियों के संसाधनों, नौकरियों और जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।

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तिनसुकिया जिले के डिगबोई में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से सरमा ने कहा वोट चोरी का मतलब यह है कि हम कुछ मिया वोट चुराने की कोशिश कर रहे हैं। आदर्श रूप से उन्हें असम में वोट डालने की अनुमति नहीं होनी चाहिए, बल्कि बांग्लादेश में वोट देना चाहिए। सीएम ने कहा, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे असम में वोट न कर सकें।

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