कृत्रिम बुद्धिमत्ता : स्मार्ट शिक्षण, अधिगम एवं अनुसंधान के लिए एआई का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन


Saraikela : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 10 फरवरी 2026 को “शैक्षणिक संस्थानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता: स्मार्ट शिक्षण, अधिगम एवं अनुसंधान के लिए एआई का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया. इस कार्यशाला में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से लगभग 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें जमशेदपुर एवं अन्य राज्यों के दस से अधिक शैक्षणिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व शामिल था.
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में माननीय निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार, प्रो. सतीश कुमार, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श) तथा प्रो. राम विनय शर्मा, उपनिदेशक सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे. अपने संबोधन में वक्ताओं ने उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसे शिक्षण, अधिगम एवं शैक्षणिक अनुसंधान में प्रभावी रूप से समाहित करने की आवश्यकता पर बल दिया. उद्घाटन समारोह का समापन डॉ. जितेश प्रधान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन, तत्पश्चात राष्ट्रीय गान एवं सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ. इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी समावेशन को प्रोत्साहित करना, शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को व्यावहारिक एआई उपकरणों से सशक्त बनाना तथा शैक्षणिक संस्थानों में नैतिक, उत्तरदायी एवं डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण को बढ़ावा देना था. तकनीकी सत्रों में प्रो. दीपक गर्ग, कुलपति, एसआर विश्वविद्यालय प्रो. अंकुश मित्तल, कुलपति, गलगोटियास विश्वविद्यालय; डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी जमशेदपुर; एवं डॉ. दीपक राय, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी जमशेदपुर द्वारा मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किए गए. इन सत्रों में एआई-सक्षम शिक्षण, बुद्धिमान मूल्यांकन, शैक्षणिक विश्लेषण तथा अनुसंधान एवं नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की गई.
कार्यशाला का सफल समन्वय डॉ. जितेश प्रधान, डॉ. बी. आर. रेड्डी एवं डॉ. दीपक राय, सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जमशेदपुर द्वारा किया गया. कार्यक्रम का समापन अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ तथा इसने विभिन्न संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ किया.




