बिहार की इस महिला ने भारत-चीन युद्ध में दान किया था 600 किलो सोना,

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दरभंगा: दरभंगा के राजघराने की महारानी कामसुंदरी देवी ने आर्थिक तंगी से जूझ रही भारतीय सेना के लिए अपना खजाना खोल दिया था. उन्‍होंने अपने खजाने से करीब 600 किलोग्राम सोना भी दान कर दिया था. इसके अलावा दरभंगा राजघराने ने अपने निजी इस्‍तेमाल के लिए रखे 3 प्राइवेट जेट भी देश को दान कर दिया था. इतना ही नहीं 90 एकड़ में बना निजी एयरपोर्ट भी देश के इस्‍तेमाल के लिए दे दिया था. आज इसी जमीन पर दरभंगा एयरपोर्ट चल रहा है.जिस राजघराने ने देश के लिए अपने खजाने के दरवाज़े खोल दिए, भारत-चीन युद्ध के दौरान करीब 600 किलो सोना भारत सरकार को दान किया, सड़कें, शिक्षा संस्थान और विश्वविद्यालय बनवाए  आज उसी दरभंगा राजवंश की विरासत की एक अहम कड़ी महारानी कामसुंदरी देवी पंचतत्व में विलीन हो गईं.
दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार आज दरभंगा राज परिसर स्थित माधेश्वर प्रांगण में पूरे हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ. बिहार सरकार की तरफ से उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया और पोते रत्नेश्वर सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के दौरान आम लोगों की भारी भीड़ के साथ-साथ प्रशासन और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार मौके पर पहुंचे और महारानी को श्रद्धासुमन अर्पित किए. बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल भी माधेश्वर प्रांगण पहुंचे और उन्होंने भी महारानी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.अंतिम यात्रा से पहले महारानी के आवास पर माहौल तनावपूर्ण हो गया. पारिवारिक विवाद के चलते बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया था. पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प देखी गई.हालांकि झगड़े के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहराने के कारण यह स्थिति बनी. पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग किया.

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