बागपत में ‘सिगरेट वाले बाबा’ का लगता दरबार


उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र में इन दिनों एक अनोखा दरबार चर्चा का केंद्र बना हुआ हैं. यहां न कोई मेडिकल डिग्री है, न दवाइयों की जरूरत और न ही किसी तरह की जांच. दावा किया जा रहा है कि सिर्फ सिगरेट के धुएं से हर तरह की परेशानी दूर हो सकती हैं. इस दरबार के संचालक है ‘सिगरेट वाले बाबा’, जिनका असली नाम सुरेंद्र उर्फ शौकीन बताया जाता हैं.करीब एक साल पहले तक सुरेंद्र सड़क किनारे मूंगफली बेचकर जीवनयापन करते थे. अचानक उनकी पहचान बदल गई और वह ‘चमत्कारी बाबा’ के रूप में सामने आए. अब वह सिरदर्द, बुखार, बदन दर्द ही नहीं, बल्कि रोजगार की समस्या, पारिवारिक कलह और भूत-प्रेत तक ठीक करने का दावा कर रहे हैं.दरबार की पूरी व्यवस्था किसी सिस्टम की तरह चलती हैं. दर्शन से पहले पर्चा कटता है- सामान्य पर्चा 100 रूपए और इमरजेंसी पर्चा 300 रूपए तक. पर्चा काटने के लिए अलग से युवक तैनात हैं. नंबर आने पर श्रद्धालु को बाबा के सामने बैठाया जाता हैं. 30 से 40 सेकंड तक भजन बजता है, बाबा गर्दन घुमाते है और माहौल को रहस्यमय बनाया जाता हैं. इसके बाद सिगरेट का कश लेकर श्रद्धालु की ओर धुआं छोड़ा जाता हैं. दावा है कि धुआं लगते ही बीमारी और संकट खत्म हो जाते हैं.यहां प्रसाद के तौर पर सिगरेट और पतासे चढ़ाए जाते है लेकिन ये श्रद्धालु बाहर से नहीं ला सकते. प्रसाद बाबा की दुकान से ही खरीदना अनिवार्य हैं.खुद बाबा यह स्वीकार करते है कि वह आठवीं पास हैं और किसी धार्मिक या सिद्ध परंपरा से उनका कोई संबंध नहीं हैं. बावजूद इसके, उनके दरबार में आने वाले लोग इसे चमत्कार मानते हैं. कई श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें धुएं से राहत मिली, जबकि कुछ लोग इसे खुला अंधविश्वास और ठगी का खेल बता रहे हैं.




