हरियाणा पुलिस ने 18 दिन में हत्या की 60 साजिशों को किया नाकाम,


हरियाणा: हरियाणा पुलिस ने 18 दिन में अलग-अलग जगहों पर हत्या की 60 साजिशों को विफल किया है। हरियाणा पुलिस के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने इस उपलब्धि के लिए पुलिसकर्मियों को बधाई दी है। डीजीपी ने चौकी इंचार्ज, एसएचओ, डीएसपी/एसीपी, एसपी/डीसीपी, सीपी/आईजी, एडीजी, पुलिस रेंज को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, “ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत गिरोहबाज़ों और कट्टाधारियों के विरुद्ध पिछले 18 दिन से चल रहे अभियान में सफलता के लिए हार्दिक बधाई। अब तक आप 60 से भी अधिक हत्याओं की योजना को विफल कर चुके हैं। ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सरकार एवं पुलिस मुख्यालय को आप पर गर्व है।”डीजीपी ओपी सिंह ने आगे लिखा, “ये वो लोग हैं, जो दिन-रात इसी ताक में रहते हैं कि किसको नोच-खसोट, लूट-पाट लें। धमकी देकर और गोली-बारी कर ये दहशत का माहौल खड़ा करते हैं। इनका मकसद वर्चस्व स्थापित करना होता है, जिससे कि ये वसूली कर सकें, ऐशो-आराम की जिंदगीं जी सकें। ऐसे 1500 से भी अधिक के पास से 250 से भी अधिक कट्टा-रिवाल्वर-पिस्तौल और 350 से ऊपर ज़िंदा कारतूस बरामद किया है। उन्हें जेल भेजकर आपने उनके नाखून-दांत तोड़ दिए हैं। इनमे से सवा सौ ने हथियार ख़रीदा ही इसलिए था कि उन्हें अपने शिकार से फ़ौरन दुश्मनी निकालनी थी। ऐसे अपराधियों में सैंकड़ों की बेल कैंसिल कराकर, सैंकड़ों-करोड़ों की काली कमाई को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर, इनके नाजायज कब्जे ढहाकर, इनके ख़िलाफ़ संगठित अपराध की सख़्त धाराएं लगाकर, इनको नेक-चलनी के लिए बाउंड डाउन कर और इनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर आपने इन पर चौतरफा हमला किया है।”उन्होंने लिखा, “प्रजातंत्र में क़ानून का राज चलता है। ऐसे समाज-विरोधी तत्वों का जेल आना-जाना लगा रहता है। मुझे पूरा विश्वाास है कि आप लगातार जांचते रहेंगें कि जो जेल से बाहर हैं वो खामोश हैं, दोबारा गिरोहबंदी और हथियारबंदी नहीं कर रहे हैं, लोगों को वसूली के लिए डरा-धमका नहीं रहे हैं। उन्हें अपराध का रास्ता छोड़ कानून के हिसाब से चलने के लिए बाध्य करना आपका ही काम है। इनके ख़िलाफ़ दर्ज मुकदमों की मजबूती से पैरवी करें। आर्म्स एक्ट वाले मुकदमोंं में सजा जरूर करायें। अपराधियों को संदेश जाना चााहिए कि जिस तमंचे पर वे उछल रहे हैं वही उनको सालों जेल की हवा खिलाएगा। पैसे और हनक के चक्कर में गैंग जीवन-शैली को म्यूजिक और वीडियो के ज़रिए युवाओं में प्रचारित करने वाले गवैयों को भी अपराधी की तरह ही देखें और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करें।”डीजीपी ने लिखा, “ये वो लोग हैं, जो युवाओं को दी गई माता-पिता की सीख, शिक्षकों की पढ़ाई और समाज के अनुशासन को मिनटों में हवा कर देते हैं। आपको इनके पूरे क्राइम इकोसिस्टम को ध्वस्त करना है। जो इनकी काली कमाई को संभांलते हैं, हथियार सप्लाई करते हैं, छिपने की जगह देते हैं और इनके पक्ष में सोशल मीडिया और आम जन में हवा बनाते हैं, उनके ख़िलाफ़ भी लगातार क़ानून के अनुसार कार्रवाई करते रहें। ये कभी नहीं ख़त्म होने वाला काम है। ये हम सबका सौभाग्य है कि सभ्यता की बर्बबरताा के ख़िलाफ़ इस लड़ाई में हम अग्रिम मोर्चे पर हैं। हमारा एक बड़ा तंत्र है। कट्टापंथीं और रंगदार मुट्ठी-भर हैं। इधर-उधर भागते रहते हैं.




