देव दीपावली: पहली बार 84 घाटों पर जलेंगे 25 लाख दीये,3D लेजर और फायर क्रैकर्स शो होगा,1-4 नवंबर तक गंगा महोत्सव


वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भव्य दीपोत्सव के बाद अब महादेव की नगरी काशी देव दीपावली के स्वागत में रोशनी से नहा उठेगी. इस बार की देव दीपावली बहुत ही अद्भुत और खास होने वाली है.गंगा के अर्धचंद्राकार घाटों पर इस बार करीब 25 लाख दीये जलाकर अद्भुत दिव्यता का प्रदर्शन किया जाएगा. पूरे आयोजन में परंपरा और तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. ‘देवों की दिवाली’ पर गंगा के दोनों तटों से निकलती रोशनी आकाश को आलोकित करेगी. वहीं, 3D लेजर और फायर क्रैकर्स शो इस पावन पर्व को विश्वस्तरीय स्वरूप देंगे.काशी के गंगा तट केवल दीपों से नहीं, बल्कि आकाश तक फैली रोशनी से भी जगमगाने वाले हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में 10 मिनट तक चलने वाला शानदार फायर क्रैकर्स शो औसत 200 मीटर ऊंचाई तक रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरेगा, जो देखने वालों के लिए अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा।यह शो ग्रीन फायर क्रैकर्स (पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी), तकनीक और कंप्यूटर आधारित कोरियोग्राफी के साथ तैयार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा करता यह अद्भुत नजारा काशी की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देगा।
इस वर्ष देव दीपावली के अवसर पर काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन व्यापक तैयारियां कर रही है, ताकि प्रत्येक आगंतुक को सुगम व सुरक्षित माहौल मिले।1 से 4 नवंबर तक ‘गंगा महोत्सव
पर्यटन सूचना अधिकारी, वाराणसी नितिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि ‘देव दीपावली को लेकर गंगा घाटों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि 05 नवंबर को होने वाली देव दीपावली से पहले 01 से 04 नवंबर तक ‘गंगा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से काशी की परंपरा और कला की झलक देखने को मिलेगी।’पर्यटन सूचना अधिकारी नितिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि देव दिवाली को लेकर गंगा घाटों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है।




