पटना के चर्चित चंदन मिश्रा हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, ड्यूटी में लापरवाही पर चार पुलिस अफसर समेत कई सिपाही सस्पेंड


पटना :- पटना के पारस अस्पताल में दिनदहाड़े अपराधी चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या के मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले चार पुलिस अफसरों समेत कई सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर, दो एएसआई और दो जवानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है जबकि गांधी मैदान, सचिवालय और गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में तैनात अन्य तीन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है। बताया जा रहा है कि चंदन मिश्रा की हत्या के वक्त अस्पताल में सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं थे और अपराधी ओपीडी रास्ते से आसानी से भीतर घुसे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, इस पूरी घटना की CCTV फुटेज सामने आने के बाद सवाल उठने लगे थे कि आखिर पुलिस की तैनाती के बावजूद अपराधी अस्पताल के भीतर कैसे घुसे। इसी को लेकर लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। वहीं दूसरी ओर STF और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के कोलकाता से इस कांड में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि मुख्य आरोपी तौसिफ उर्फ बादशाह समेत मोनू और बलवंत की तलाश जारी है, इन तीनों पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है और अब कुर्की की तैयारी हो रही है। तौसिफ उर्फ बादशाह की पहचान फुलवारीशरीफ के एक जमीन कारोबारी और पुराने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के रूप में हुई है जो काफी समय से फरार है। पुलिस की जांच में पता चला है कि चंदन मिश्रा पर पुरानी रंजिश के चलते हमला हुआ और हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या को अंजाम दिया। इस मामले ने न केवल राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पुलिस महकमे के भीतर कामकाज की गंभीर खामियों को भी उजागर कर दिया है। SSP द्वारा लिए गए सख्त फैसलों से यह संकेत मिल रहा है कि ड्यूटी में लापरवाही अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं इस पूरे हत्याकांड की तह तक जाने और सभी दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस और STF लगातार प्रयास कर रही है।




