गांधी नगर में अतिक्रमण कहां है साहब? प्लॉट-1127 पर नहीं है एक भी मकान, फिर भी अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश! खाता संख्या 48 के प्लॉट संख्या 1127 में मकान होने का दावा, जमीन पर खेती-बागवानी कर रहे परिवारों ने उठाए सवाल

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आदित्यपुर :- आरआईटी थाना क्षेत्र के सहारा गार्डन सिटी के समीप खाता संख्या 48 के प्लॉट संख्या 1127 को अतिक्रमण मुक्त कराने के अंचल कार्यालय के आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जमीन पर रह रहे लोगों का दावा है कि प्लॉट संख्या 1127 पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं है और जमीन खाली है, इसके बावजूद अंचल कार्यालय की ओर से इसे अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश जारी कर दिया गया है।

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मंटू महतो समेत अन्य लोगों ने उपायुक्त सरायकेला-खरसावां को दिए आवेदन में कहा है कि प्लॉट संख्या 1127 पर वर्षों से उनका दखल है और वे वहां खेती-बागवानी करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि जेपीएलई वाद की कार्रवाई में उक्त प्लॉट पर 15 मकान निर्मित होने की बात दर्ज की गई है, जबकि मौके पर ऐसा कोई निर्माण नहीं है। आवेदकों ने इस दावे को गलत बताते हुए पूरे मामले की स्थल जांच कराने की मांग की है।

आवेदनकर्ताओं के अनुसार, अंचल कार्यालय के आदेश में प्लॉट संख्या 1127 को अतिक्रमणयुक्त मानते हुए उसे खाली कराने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। उनका कहना है कि जब जमीन पर कोई मकान या अतिक्रमण ही नहीं है, तो किस अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया गया है, यह स्पष्ट नहीं है।

5 अक्टूबर को हुई कार्रवाई का भी किया विरोध

मंटू महतो ने आवेदन में कहा है कि जेपीएलई वाद के विभिन्न आदेशों के आधार पर 5 अक्टूबर को उनके पूर्वजों के मकान और खेती-बाड़ी से जुड़े निर्माण को ध्वस्त किया गया। अब प्लॉट संख्या 1127 पर फर्जी अतिक्रमण की जांच और उसपर अतिक्रमण मुक्त कराने की आदेश जारी करना सवालों के घेरे में है ।

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आवेदकों ने कहा कि उन्हें जेपीएलई की सुनवाई की विधिवत जानकारी और नोटिस नहीं दी गई। उन्होंने 7 अक्टूबर को उपायुक्त के न्यायालय में अपील दायर करने की बात कही है।

आवेदकों ने कहा कि पहले मौके पर जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि प्लॉट संख्या 1127 पर आखिर अतिक्रमण कहां और किस रूप में है। इसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई की जाए।

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