ऑर्गेनिक खेती और जड़ी-बूटी शोध से चमका गांव, ग्राम प्रधान कान्हु राम टुडू सम्मानित

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जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित लखाईडीह गांव के ग्राम प्रधान कान्हु राम टुडू को प्राकृतिक खेती और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें गांव में ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित करने और हर्बल औषधियों के संरक्षण व शोध के लिए किए गए विशेष प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

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इस मौके पर कान्हु राम टुडू ने बताया कि लखाईडीह गांव लंबे समय से पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के लिए प्रसिद्ध रहा है और इसे “वैद्यराजों का गांव” भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांव के अधिकांश लोग इलाज के लिए आयुर्वेदिक पद्धति पर भरोसा करते हैं। उन्होंने बताया कि लखाईडीह के पहाड़ी इलाकों में कई दुर्लभ जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग ग्रामीण पीढ़ियों से औषधि के रूप में करते आ रहे हैं। गांव के किसानों ने मिलकर ऑर्गेनिक खेती और जड़ी-बूटियों के संरक्षण को लेकर कई प्रयोग किए हैं, जिनकी जानकारी वैज्ञानिकों के साथ साझा की गई।

ग्राम प्रधान ने बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को लखाईडीह गांव आने का निमंत्रण देते हुए इन जड़ी-बूटियों पर विस्तृत शोध करने की अपील की, ताकि पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक मान्यता मिल सके और किसानों को इसका लाभ मिल सके। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दुबे, पशु वैज्ञानिक एमके गुप्ता, कृषि वैज्ञानिक अरुण कुमार सहित कई वैज्ञानिक और विभिन्न जिलों से आए किसान उपस्थित रहे।

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