झारखंड में 24 माओवादी करेंगे आत्मसमर्पण, 11 आधुनिक हथियार और 1562 कारतूस भी सौंपेंगे






रांची : झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिलने जा रही है। भाकपा माओवादी संगठन के कुल 24 सदस्य मंगलवार सुबह 11 बजे रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण करेंगे। डीजीपी की मौजूदगी में होने वाले इस सामूहिक आत्मसमर्पण में झारखंड के 16 और छत्तीसगढ़ के आठ माओवादी मुख्यधारा में लौटेंगे। आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के कई बड़े पदाधिकारी और इनामी नक्सली शामिल हैं।


मुख्यधारा में लौटने वाले माओवादियों में एक रीजनल कमेटी सदस्य, चार जोनल कमेटी सदस्य, तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य, दस एरिया कमेटी सदस्य और छह सक्रिय कैडर शामिल हैं। झारखंड के इनामी माओवादियों पर कुल 39 लाख रुपये का सरकारी इनाम घोषित था। इनमें एक माओवादी पर 15 लाख, एक पर 10 लाख, दो पर पांच-पांच लाख और दो अन्य पर दो-दो लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष उर्फ बासुदेव दा, संतोष मांझी, चंदन लोहरा, जयकांत मुंडा, राजनाथ हांसदा, अनिल तुरी, सुखलाल बिरंजिया, सुदेश होनहागा, एतवारी मांझी, देवान मुर्मू, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाइन, रिसिव सोय, सालमी मुंडा, मुन्नी सुरीन और सीता मुंडा सहित छत्तीसगढ़ के आठ माओवादी शामिल हैं।
आत्मसमर्पण के दौरान छह इंसास, दो एके-47, एक एचके-33, एक यूएस कार्बाइन और एक एम-16 राइफल सहित कुल 11 आधुनिक हथियार जमा किए जाएंगे। इसके साथ 38 मैगजीन और 1562 जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे जाएंगे। इनमें इंसास, एके-47, एचके-33, यूएस कार्बाइन और एम-16 के कारतूस शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इतने बड़े समूह के आत्मसमर्पण से झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी संगठन का नेटवर्क कमजोर होगा और नक्सल विरोधी अभियानों को नई मजबूती मिलेगी।


