आदिवासी साहित्यकार और खड़िया भाषाविद्व डॉ रोज केरकेट्टा का निधन…

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लोक आलोक सेंट्रल डेस्क:खड़िया भाषाविद्व और साहित्यकार डॉ रोज केरकेट्टा (85 वर्ष) का निधन गुरुवार की सुबह 10.40 बजे रांची के चेशायर होम रोड आवास पर हो गया। दफन संस्कार शुक्रवार को दिन के 11.30 बजे सिरम टोली, जीईएल चर्च कब्रिस्तान में किया गया। वे अपने पीछे पुत्री वंदना टेटे, पुत्र सोनल प्रभंजन टेटे, नाती-आयुध पंकज और अटूट संतोष व दो पोत्री आरुषी टेटे, आदिति टेटे को छोड़ गईं। पुत्र सोनल प्रभंजन सरकारी सेवा में हैं, जबकि पुत्री वंदना अपनी मां और नाना की तरह सामाजिक सांस्कृतिक व साहित्यिक क्षेत्र में योगदान दे रहीं हैं। लेखिका, झारखंड आंदोलनकारी व महिला मानवाधिकार कर्मी डॉ रोज दो वर्षों से असहनीय बीमारी से जूझ रही थीं। उनका जन्म 5 दिसंबर 1940 को सिमडेगा के कईसरा गांव के सुंदरा टोली में मार्था केरकेट्टा और एतो खड़िया उर्फ प्यारा केरकेट्टा के घर हुआ था। उनके पिता उस दौर के प्रसिद्ध शिक्षक, समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ और सांस्कृतिक अगुवा थे। डॉ रोज का विवाह सुरेशचंद्र टेटे से हुआ था।

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रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय भाषा की पढ़ाई शुरू कराने में अहम योगदान ।

डॉ रोज ने 1967 में सिमडेगा कॉलेज में लाइब्रेरियन के रूप कार्य शुरू किया था। इसके बाद 1975 में एचईसी के पटेल मॉन्टेसरी स्कूल, 1977 में सिसई कॉलेज में हिन्दी प्रोफेसर के रूप में योगदान दिया। 1982 में डॉ रामदयाल मुंडा के साथ मिलकर रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा विभाग की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान रहा। खड़िया भाषा की प्रोफेसर के रूप में उन्होंने आदिवासी क्षेत्र में यात्राएं कर भाषा की लिखित सामग्री संकलित की और पाठयक्रम तैयार करने में योगदान दिया।

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बिहार शिक्षा परियोजना की महिला समाख्या की कमान संभालते हुए उन्होंने बालिका और महिलाओं को संगठित व शिक्षित करने में मुख्य भूमिका निभाई। अस्वस्थ होने से पहले तक आधी दुनिया पत्रिका का संपादन करती रहीं। 2000 में सेवानिवृत्ति के बाद अपने पिता की जन्म शताब्दी पर 2002 में प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन की स्थापना की।

डॉ रोज प्रभावति सम्मान, रानी दुर्गावती सम्मान, अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान सहित कई राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय पुरस्कारों से नवाजा गईं। उनके निधन पर झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृतिक अखड़ा और प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन के अलावा पूर्व टीएसी सदस्य रतन तिर्की व अन्य लोगों ने शोक व्यक्त किया है।

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