थर्ड वर्ल्ड एंजल नेटवर्क की शुरुआत, 1 मार्च को जमशेदपुर में डेमो डे और ‘नविष्कार 2026’ का शुभारंभ


Saraikela : झारखंड को भारत के उभरते स्टार्टअप राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने के उद्देश्य से आयोजित ‘झारखंड से भारत’ संवाद 7 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस उच्चस्तरीय संवाद में देशभर से आए स्टार्टअप संस्थापक, निवेशक, नीति विशेषज्ञ, कॉरपोरेट प्रतिनिधि, शिक्षाविद एवं इकोसिस्टम बिल्डर्स ने भाग लिया. इस संवाद का आयोजन नवाचार अनुसंधान ऊष्मायन एवं नवप्रवर्तन परिषद (एन.आर.आई.आई.सी.) द्वारा किया गया. जिसका नेतृत्व संस्था के संस्थापक निदेशक अमर नाथ सिंह एवं कार्तिक चौधरी ने किया. दोनों ने कहा कि “झारखंड में प्रतिभा और विचारों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल भरोसेमंद सिस्टम, निरंतर मेंटरशिप और पूंजी तक पहुंच की. संवाद के दौरान वक्ताओं ने झारखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम की वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर खुलकर विचार रखे. आदित्य अरोड़ा ने कहा कि झारखंड में नवाचार मौजूद है, लेकिन इकोसिस्टम सक्षम नहीं है. सीरीज़-बी के बाद स्टार्टअप्स को संरचित नीतिगत और सरकारी सहयोग की आवश्यकता है.
श्वेता सक्सेना ने बताया कि स्थानीय सपोर्ट सिस्टम कमजोर होने के कारण कई संस्थापक राज्य से बाहर पलायन कर जाते हैं. फंडिंग में देरी और संवाद की कमी बड़ी समस्या है. मनजीत साहू ने झारखंड में आइडिया, संस्थान, बाजार और पूंजी को जोड़ने वाली मजबूत वैल्यू चेन बनाने पर जोर दिया. सौरभ जैन ने कहा कि पूर्वी भारत को लेकर निवेशकों में धारणा की समस्या है, जिसे बड़े इनक्यूबेशन प्रोग्राम और मजबूत मेंटर नेटवर्क से बदला जा सकता है. शिवांगी जैन ने कहा कि झारखंड में स्टार्टअप्स के लिए न तो कोई समर्पित डैशबोर्ड है और न ही स्पष्ट पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट. स्टार्टअप इंडिया के पास उपलब्ध आंकड़े भी वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शाते बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी भारी कमी है.
उन्होंने बताया कि वे पिछले वर्ष तक स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी में वरिष्ठ एवीपी के पद पर कार्यरत थीं और अब एन.आर.आई.आई.सी. के साथ मिलकर झारखंड में एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम खड़ा करने में पूरा सहयोग करेंगे.




