उपायुक्त ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

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सरायकेला: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आज समाहरणालय परिसर, सरायकेला से उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान का शुभारम्भ किया गया तथा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में, उपायुक्त द्वारा हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह उन्मूलन के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। यह रथ 03 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगा और बाल विवाह रोकथाम से संबंधित संदेश जन-जन तक पहुँचाएगा।

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उपायुक्त ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करने के लिए निरंतर एवं व्यापक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यद्यपि बाल विवाह के विरुद्ध स्पष्ट कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, फिर भी समाज के कुछ वर्गों में अज्ञानतावश यह कुप्रथा जारी है, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह के कारण बालिकाओं के शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में गर्भधारण की स्थिति में जच्चा–बच्चा दोनों के जीवन पर जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही कम आयु में वैवाहिक एवं पारिवारिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन मानसिक तनाव को बढ़ाता है और बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा तथा सर्वांगीण विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाएँ देश की जनसांख्यिकीय संरचना को भी प्रभावित करती हैं, जिससे दीर्घकालिक विकास की प्रक्रिया बाधित होती है।

उपायुक्त महोदय ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे बाल विवाह के दुष्परिणामों को समझते हुए इसके उन्मूलन में प्रशासन का सहयोग करें, तथा किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह न होने दें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका या प्रयास दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन को दें, क्योंकि यह प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है।

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जागरूकता रथ के माध्यम से जनसामान्य को यह भी अवगत कराया जाएगा कि विवाह हेतु लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। इन प्रावधानों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है। साथ ही बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी लोगों तक पहुँचाई जाएगी।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला श्रीमती निवेदिता नियति, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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