राज्यव्यापी बंद का कई जिलों में असर, सड़कों पर उतरे आंदोलनकारी

झारखंड : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का रांची, पलामू, गिरिडीह, बोकारो, गुमला समेत कई जिलों में असर देखा गया। आंदोलनकारी, किसान और मजदूर विस्थापन, कथित भ्रष्टाचार, रोजगार, किसानों की कर्जमाफी और पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर सुबह करीब सवा नौ बजे पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता, मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो, शीला कच्छप, अनथन लकड़ा, रेखा देवी, सिमोन तिग्गा और करमा तिग्गा समेत अन्य आंदोलनकारियों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन बाधित रहा।

पलामू में बंद का व्यापक असर दिखा। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलनकारी तीर-धनुष लेकर सड़कों पर उतरे और मेदिनीनगर के रेड़मा चौक को जाम कर प्रदर्शन व नारेबाजी की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी हुई। गिरिडीह में बंद समर्थकों ने पपरवाटाड़ स्थित पुराने टोल प्लाजा के पास गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। आंदोलनकारियों के सड़क पर बैठने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और दोनों ओर लंबी कतार लग गई।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों को उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास की व्यवस्था, विस्थापन आयोग का गठन, झारखंड आंदोलनकारियों को समान पेंशन तथा उनके बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति देना शामिल है। किसानों से जुड़ी मांगों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन और किसानों की कर्जमाफी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इन मांगों को लंबे समय से सरकार के सामने रखा जा रहा है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है, इसी कारण बंद का आह्वान किया गया।


