कंगना रनौत की इस सोच को मैं पागलपन कहूं या फिर देशद्रोह : वरुण गांधी

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी सांसद वरुण गांधी ने गुरुवार को अपनी ही पार्टी की सबसे उत्साही समर्थकों में से एक एक्ट्रेस कंगना रनौत को उस टिप्पणी के लिए लताड़ा है, जिसमें एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम के दौरान रनौत को यह कहते सुना जा सकता है, ”वह आजादी नहीं, बल्कि भीख थी और जो आजादी मिली है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को 2014 में असली आजादी मिली, जब पीएम मोदी सत्ता में आए. 1947 में मिली आजादी या दशकों के स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को उन्होंने ‘भीख’ कहा. बता दें कि कंगना को इसी महीने मोदी सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.  इसे पहले भी कंगना ने अपने भड़काऊ बयानों के चलते ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया गया है. इससे पहले भी वह अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियां बटोर चुकी हैं.

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वरुण गांधी ने कंगना रनौत के बयान की वीडियो की क्लीप के साथ लिखा कि कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार. इस सोच को मैं पागलपन कहूं या फिर देशद्रोह?

वहीं, कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए कहा, ‘मैंने बिल्कुल साफ कहा है कि 1857 की क्रांति, पहला स्वतंत्रता संग्राम थी, जिसे दबा दिया गया और इसके परिणामस्वरूप अंग्रेजों के जुल्म व क्रूरता और बढ़ गए तथा करीब एक शताब्दी बाद हमें गांधी जी के भीख के कटोरे में आजादी दी गई.

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कंगना रनौत के इस विवादित बयान के बाद राजनीतिक पार्टियां भी उन्हें घेरने में लग गई हैं. आम आदमी पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष प्रीति मेनन ने मुंबई पुलिस के पास कंगना के खिलाफ शिकायत करके पुलिस से विवादित देशद्रोही टिप्पणी के लिए प्राथमिक दर्ज करने की मांग की है. अभिनेत्री के बयान पर शिवसेना ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

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