फूटपाथी दुकानदारों को उजाड़ना समाधान नहीं, सरकार वादा पूरा करते हुए उसे वेंडिंग जोन में स्थान दे, अतिक्रमण के नाम पर हटाना सरकार की नाकामी छुपाने वाला कार्य

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Saraikela : गम्हरिया के सीओ प्रवीण कुमार के आदेश से एक बार फिर नगर निगम आदित्यपुर प्रशासन सुर्खरू हो रही है. वह भूल रही है कि फूटपाथी दुकानदारों को उजाड़ना समाधान नहीं है, बल्कि फुटपाथी दुकानदारों को सरकार वादा पूरा करते हुए उसे वेंडिंग जोन में स्थान दे और उसे घर परिवार चलाने का अवसर प्रदान करे. नगर निगम प्रशासन यह भूल गई है कि सरकार के निर्देश पर ही वर्ष 2018 से शहरी क्षेत्र के फुटपाथी दुकानदारों को वेंडिंग जोन में प्रतिस्थापित करने की उन्हीं की जिम्मेदारी है, जो कि वो भूल चुकी है. और अब अतिक्रमण के नाम पर फुटपाथी दुकानदारों को एक बार पुनः परेशान कर उसे बेरोजगार बनाने की।मुहिम छेड़ दी है. जबकि फुटपाथी दुकानदारों को हटाना सरकार की नाकामी को छुपाने वाला कार्य साबित होगा. बता दें कि
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र (Adityapur Municipal Corporation) में फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए 4.49 करोड़ रुपये की लागत से 3-4 प्रमुख स्थानों पर वेंडिंग जोन/मार्केट विकसित करने की योजना पर काम चल रहा था. हालिया स्थिति (2024-25) की बताती है कि निगम ने रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडरों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले शेड बनाने हेतु 3 स्थानों को चिन्हित कर नगर विकास एवं आवास विभाग से तकनीकी स्वीकृति मांगी थी, ताकि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सके. प्रस्तावित स्थानों में योजना के अनुसार चुन्ना भट्ठा, गम्हरिया बाजार, इमली चौक और आरआईटी थाना क्षेत्र के पास वेंडिंग जोन बनाए जाने की बात कही गई थी. अतिक्रमण की समस्या नगर निगम की नाकामी के वजह से है. वर्ष 2026 तक की स्थिति के अनुसार, लगातार सख्ती के बावजूद खरकई ब्रिज से गम्हरिया तक सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, जिससे ट्रैफिक जाम होता है. जबकि वेंडिंग जोन के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और जब कार्यान्वयन की स्थिति आई तो यह योजना अधूरी लटकी पड़ी है. जबकि वेंडिंग जोन बनाने का उद्देश्य शहर को व्यवस्थित करना और वेंडरों को स्थायी जगह देना था. जो कि किसी कारणवश नहीं सकी है.

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