वेनजुएला से जब्त रूसी तेल टैंकर में था हिमाचल का रक्षित चौहान, US के चंगुल से 20 दिन बाद छूटा,

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शिमला : हिमाचल प्रदेश के 26 वर्षीय मर्चेंट नेवी अफसर रिक्षित चौहान आखिरकार हिमाचल प्रदेश पहुंच गए। रिक्षित, जो अमेरिकी नौसेना द्वारा जब्त किए गए रूसी तेल टैंकर ‘मरीनरा’ पर फंसे हुए थे, लगभग 20 दिनों बाद सुरक्षित घर लौट आए हैं। उनके घर पहुंचते ही माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां गले से लिपटकर खूब रोई। परिवार ने भगवान को धन्यवाद कहा और मिठाईयां बांटी। माता-पिता के चेहरे पर बेटे के सकुशल लौटने की खुशी साफ झलक रही थी।मर्चेंट नेवी में कार्यरत रक्षित से परिजनों की आखिरी बातचीत सात जनवरी को हुई थी। पिता रणजीत सिंह चौहान ने बताया कि उस समय बेटे ने परिवार को चिंता से बचाने के लिए यह कह दिया था कि वह बर्फीले और सिग्नल-विहीन क्षेत्र में जा रहा है, इसलिए करीब दो महीने तक संपर्क नहीं हो पाएगा। लेकिन आठ जनवरी को यूट्यूब पर जहाज के जब्त होने की खबर देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

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रक्षित की सुरक्षित रिहाई के लिए हिमाचल से लेकर दिल्ली तक लगातार प्रयास होते रहे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने मामला सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष उठाया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय से सीधे संपर्क साधा गया। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा भी लगातार दूतावास के संपर्क में रहे और परिवार को स्थिति की जानकारी देते रहे। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी रक्षित के घर जाकर परिवार को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था।सात जनवरी को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा (पूर्व नाम बेला-1) को अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में जब्त किया था। जहाज पर 17 यूक्रेनी, छह जॉर्जियाई और तीन भारतीय नागरिक सवार थे। अमेरिका ने इस टैंकर को वेनेजुएला की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़ा संदिग्ध जहाज मानते हुए हिरासत में लिया था।

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