स्वर्णरेखा किनारे झुग्गियों पर बुलडोजर से उठे सवाल, प्रभावित परिवारों ने कार्रवाई को बताया पक्षपाती



जमशेदपुर : स्वर्णरेखा नदी किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। मानगो के बैकुंठनगर, कुंवर बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कुछ घरों को हटाया गया, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ही कतार में बने कई अन्य मकानों को छोड़ दिया गया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि नदी किनारे बड़ी संख्या में निर्माण मौजूद हैं, लेकिन नोटिस और कार्रवाई चुनिंदा गरीब परिवारों पर केंद्रित रही। इससे लोगों में नाराजगी और असुरक्षा बढ़ी है।


प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई एनजीटी के निर्देशों और सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के तहत की जा रही है। इससे पहले 16 मकानों को हटाने की तैयारी की गई थी, जिनमें तीन मकान वार्ड नंबर 8 और 13 मकान वार्ड नंबर 10 क्षेत्र में चिह्नित किए गए थे। प्रभावित लोगों ने पूरे नदी तट की निष्पक्ष मापी कराने, सभी अवैध निर्माणों पर समान कार्रवाई करने और बेघर होने वाले परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।


