एनआईटी जमशेदपुर में राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन का आगाज, डॉ. आशा लकड़ा बोलीं— ‘शिक्षा और नेतृत्व से ही सशक्त होंगी महिलाएं’

Advertisements
Advertisements
Advertisements

आदित्यपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में बुधवार से दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026’ की भव्य शुरुआत हुई। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (नई दिल्ली) के मार्गदर्शन में एनआईटी जमशेदपुर, श्रीनाथ विश्वविद्यालय और इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (सरायकेला) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश के 13 राज्यों से लगभग 150 महिला शिक्षाविद और नेतृत्वकर्ता शिरकत कर रही हैं।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

​सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और समग्र सामाजिक विकास में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा और कुशल नेतृत्व ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। जब समाज की महिलाएं नेतृत्व संभालती हैं, तो देश प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूता है। यह मंच महिला शिक्षा और उनके अधिकारों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगा।
​संस्थान के निदेशक एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. गौतम सूत्रधार ने इसे गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह सम्मेलन महिला शिक्षा और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास को नई दिशा प्रदान करेगा। सत्र की अध्यक्षता एआईयू की महासचिव व न्यास की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. पंकज मित्तल ने की। इस अवसर पर न्यास की राष्ट्रीय संयोजिका सुश्री शोभा ताई और राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
​सम्मेलन में चार प्रमुख विचार सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें सुश्री स्वाति बसु (एमडी, जैमीपोल), डॉ. उपमा (प्रिंसिपल, टीएमएच नर्सिंग कॉलेज), प्रो. सविता रॉय (प्राचार्या, दौलतराम कॉलेज) और अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज व डीएसपी अरुणा मिश्रा मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रख रही हैं। इन सत्रों का संचालन क्रमश: डॉ. आकृति गुप्ता, डॉ. अनामिका, डॉ. एकादशी और श्रीमती मिमी सिकिया द्वारा किया जा रहा है।

See also  अब WhatsApp पर दर्ज होगी जनसमस्या, SMS से मिलेगा शिकायत का हर अपडेट

​गुरुवार को समापन सत्र के मुख्य अतिथि झारखंड के सूचना आयुक्त शिवपूजन पाठक होंगे। आयोजन को सफल बनाने में संयोजिका डॉ. शुक्ला महंती, सह-संयोजिका डॉ. कविता परमार और कुलसचिव डॉ. सरोज कुमार सारंगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

About The Author

You may have missed