नेटरहाट, लातेहार। झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेटरहाट में बुधवार शाम हुए विवाद के बाद गुरुवार को बाजार पूरी तरह बंद रहा। अचानक हुई इस बंदी से बिहार, यूपी, बंगाल से आए सैकड़ों पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन की सख्ती और होटल संघ की पहल के बाद दोपहर में हालात सामान्य हुए।
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कैसे बिगड़ा माहौल
बुधवार 24 जून की शाम करीब 6 बजे मुखिया रामबुशन नागेसिया, धर्मेंद्र ठाकुर, कैलाश यादव और दीपक ठाकुर के बीच पुराने विवाद को लेकर कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया।
गुरुवार को ठप रहा नेटरहाट
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों के आक्रोश के चलते गुरुवार को आपसी सहमति से पूरा बाजार बंद रखा गया। सुबह से ही होटल, दुकानें, गुमटियां बंद रहीं। ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की।
पर्यटकों का दर्द: “भूखे बच्चे, बंद दुकानें”
बाजार बंद होने से सबसे ज्यादा मार पर्यटकों पर पड़ी। नाश्ता, चाय, दवा तक के लिए सैलानी भटकते रहे। कोलकाता से आईं रीता मुखर्जी ने कहा,बच्चों को भूख लगी है पर कुछ नहीं मिल रहा। नेटरहाट घूमने आए थे, पर मायूसी लेकर जा रहे हैं।”_ कई परिवारों ने अपना प्लान रद्द कर वापसी कर ली।
पुलिस का एक्शन: 150 बोतल शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार
ग्रामीणों की शिकायत पर SDO सुलेमान मुंडरी, DSP पूजा कुमारी, उत्पाद विभाग के सोनू कुमार और थाना प्रभारी अभिषेक कुमार की टीम ने दीपक ठाकुर की सैलून दुकान पर छापेमारी की। मौके से 100 से 150 अवैध शराब की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने दीपक ठाकुर को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
खबर मिलते ही SDO सुलेमान मुंडरी और DSP पूजा कुमारी नेटरहाट पहुंचे। थाना प्रभारी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बैठाकर जल्द सुलह कराने का आश्वासन दिया। होटल संघ के सर्वेश उर्फ बिट्टू, हेमंत प्रसाद और आशुतोष तिवारी ने कहा कि आपसी विवाद को बैठक कर सुलझाया जाएगा। उन्होंने अपील की कि पर्यटन सीजन में बाजार बंद जैसी स्थिति न बनाई जाए क्योंकि नेटरहाट की अर्थव्यवस्था पूरी तरह पर्यटकों पर टिकी है।