पहली बार मिली बड़ी सफलता, कृत्रिम ऊष्मायन से जन्मे 18 मोर के चूजे
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रांची : भगवान बिरसा जैविक उद्यान में पहली बार कृत्रिम ऊष्मायन (आर्टिफिशियल इन्क्यूबेशन) तकनीक से 18 मोर के चूजों का सफल जन्म हुआ है। यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण और पक्षियों के प्रजनन कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सभी चूजे स्वस्थ हैं और विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है।उद्यान प्रबंधन के अनुसार, इस तकनीक के जरिए मोरों के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। कृत्रिम ऊष्मायन प्रक्रिया के सफल परिणाम के बाद भविष्य में भी इसी तरह के संरक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना है, ताकि दुर्लभ और संरक्षित पक्षी प्रजातियों के संरक्षण को और मजबूती मिल सके।
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