झारखंड में खाद्यान्न की भारी कमी का खुलासा, 30 लाख टन खपत के मुकाबले उत्पादन सिर्फ 3-4 लाख टन

जमशेदपुर : झारखंड में खाद्यान्न उत्पादन और खपत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) ने बताया कि राज्य में हर साल करीब 30 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की जरूरत होती है, जबकि स्थानीय उत्पादन लगभग 3 से 4 लाख मीट्रिक टन ही है। इस वजह से राज्य को खाद्यान्न की जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है।

FCI CMD ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार की योजनाओं और अनाज उपलब्धता पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि जरूरत के अनुसार अनाज की व्यवस्था की जाती है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा सके। राज्य में उत्पादन बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।


