देखिए स्वास्थ्य मंत्री जी.. आपके शहर में विभाग का हाल: अस्पताल परिसर के 55 सरकारी आवास को लगा दिया किराये पर, ग्रामीण इलाकों में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, स्वास्थ्यकर्मी आदित्यपुर आये डिपुटेशन पर, फंसने के डर से 14 दिन के लिए अकाउंटेंट है गायब…

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आदित्यपुर:- मंत्री जी आप ने मरीज बनकर रिम्स में घूम-घूम कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को खुब फटकार लगाया और मीडिया में खुब सुर्खियां बटोरी। लेकिन आपके शहर से सटे आदित्यपुर-गम्हरिया में आपके अधिकारी आपके प्रयासों को किस तरह विफल कर आपके छवि को धूमिल करने में जुटे है इस पड़ताल का एक ग्राउंड रिपोर्ट हम आज क्षेत्र की जनमानस के समक्ष रख रहे है…

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वर्षो से गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के 52 फ्लैट और 7 क्वार्टर से किराया वसूल रही चिकित्सा प्रभारी

गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 52 फ्लैट और 7 क्वार्टर है। इनमें चार से पांच ही ऐसे है जिसमें स्वास्थ्यकर्मी विभाग से आवंटन कराकर प्रतिमाह 8 हजार रूपये विभाग को देकर रह रहे है। शेष मकानों को आउटसोर्स पर कार्यरत दुसरे जिलों में पदस्थापित स्वास्थ्यकर्मियों को चिकित्सा प्रभारी प्रमिला कुमारी के सहमति से कब्जा दे दिया गया है। रांची से लेकर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत ये कर्मचारी बड़े शान से यहां बिजली पानी समेंत सभी बुनियादी सुविधाऐं ले रहे है, वह भी कुछ पैसे किराये के नाम पर स्वास्थ्य केन्द्र के बड़ाबाबू के माध्यम से चिकित्सा प्रभारी को देकर, ये सारी जानकारी लोक आलोक न्यूज के ग्राउंड रिपोर्टिंग में देखने को मिली। लोक आलोक की टीम किरायेदार बनकर स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में घूम रही थी, जहां एक महिला से किराये पर मकान लेने की बात कही। महिला ने गोलमोल जबाव दिया और फिर जब हम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से मामले पर बात कर रहे थे, तो हमारे तीखे सवालों से प्रभारी चिकित्सा प्रभारी झल्लाते दिखी। तभी उनके मोबाईल पर एक फोन आता है, फोन का स्पीकर गलती से ऑन हो गया और एक महिला कह रही थी कि कुछ लोग मकान किराये पर लेने आये थे मैडम क्या करें, इसपर मैडम कहती दिखी मैं इसके बारे में नहीं जानती हूं, मैं कुछ नहीं बता सकती हूं, मेरा बदली हो गया है। इसके बाद फोन काट दिया। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैडम ने सरकारी भवनों को किराये पर लगा रखा है, लेकिन इस सवाल से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इतना क्यों बौख गयी कि मैं कुछ जानती नहीं हूं कि इन मकानों में कौन रहता है। चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में प्रमिला कुमारी आज तक कार्यरत थी, उनके संरक्षण में ये कर्मचारी अगर इन मकानों में अवैध रूप से रह रहे है और उनका समर्थन प्राप्त नहीं है, वे आर्थिक लाभ उनसे नहीं ले रहे है तो फिर ऐसा क्या हुआ कि एक बार भी इन मकानों को खाली कराने के लिए विभागीय पत्राचार तक नहीं किया। इन तमाम सवालों का खुलासा मामले की जांच में होगी। बहरहाल यहां और भी कई घपले-घोटाले की कहानियां सामने आयी।

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इन लोगो के कब्जे है है स्वास्थ्य केन्द्र परिसर स्थित सरकारी आवास

गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर स्थित मकानों में जो लोग रह रहे है उनके कुछ नाम की जानकारी भी हमें पड़ताल के क्रम में मिली इनमें रांची में पदस्थापित बीपीएम राजेश तिर्की, जारामुंडी में कार्यरत सुनील कुमार, पटेल हारदा, अपर्णा जेना, कविता महापात्रो, जितेन्द्र, अहिल्या, बबिता, उर्मिला, शैलेश, गौतम, सविता सोय, अर्चना कुमारी, अंजू, सत्येन्द्र के नाम सामने आए।

14 दिनों के लिए गायब अकाउंटेंट

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थापित अकाउंटेट के 14 दिनों के लिए बगैर छूट्टी ग्रांट हुए गायब होने की खुब चर्चा शनिवार को अस्पातल परिसर में स्वास्थ्यकर्मी करते दिखे। सुत्रों की माने तो लाखो के दवाई खरीद में हुए घपले में फंसने के डर से अकाउंटेंट गायब है। यहां कि चिकित्सा प्रभारी तीन दिन तक छुट्टी दे सकती है। लेकिन 14 दिनों के लिए अकाउंटेंट किसके आदेश से गायब है इसके बारे में भी चिकित्सा प्रभारी ने कुछ भी नहीं बताया।

अब आदित्यपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का देखें हाल, ग्रामीण इलाकों में इन स्वास्थ्य कर्मियों को नहीं लगता मन, डिपुटेशन पर दर्जन भर स्वस्थ्यकर्मी आदित्यपुर में जमें…

सरायकेला जिले में सात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। ईचागढ़, चांडिल, राजनगर, कुचाई, कुकडू, खरसावां, नीमडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्यरत एएनएम, जीएनएम आदित्यपुर में वर्षो से डेरा जमाये हुए है। वह भी डिपुटेशन कराकर। जबकि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति काफी बदहाल है। महिलाओं को प्रसव कराने के लिए शहर आना पड़ता है। आदित्यपुर में 6 स्वास्थ्यकर्मी इसके लिए पोस्टेड है। लेकिन अतिरिक्त दर्जन भर एएनएम, जीएनएम आदित्यपुर शहरी स्वास्थ्य केन्द्र में डिपुटेशन कराकर बड़े आराम से सरकार से सैलरी ले रहे है। जबकि इनका इस स्वास्थ्य केन्द्र में कोई काम भी नहीं है। जानकारी के मुताबिक शीला मार्डी, सीमा कुमारी, ज्योत्सना हांसदा जीएनएम, रेणू कुमारी, खुशबू कुमारी, ममता कुमारी, रश्मा महतो, अंजना महतो, रेखा, शिल्पी प्रभा, स्वेता झा आदि आदित्यपुर में डिपुटेशन में है।

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